सावन की पहली बारिश
तेरे मेरे प्यार की
सौगात लेकर आई है
जिंदगी के सफ़र में ये
बहार बनकर आई है
बारिश में चलने वाली हवाएं
तेरे बदन को छू कर
मुझ तक आ रही है
तेरी खुशबू से मुझको महका रही है
इस पहली बारिश में
तू मुझसे दूर है फिर भी
बारिश की हर बूँद
तेरा एहसास दिला रही है
मिट्टी की सुगंध बता रही है
तू मुझको बुला रही है
बारिश की बूंदों की टप - टप
तेरी मुस्कुराहट का एहसास दिला रही है
बादलो की गडगडाहट
दिल की धड़कन बढ़ा रही है
बिजली की चमक
तुझसे मिलने को
बेचैन कर रही है
इस बहते हुए पानी में
तेरा अक्स नज़र आ रहा है
जैसे बादलो की छाँव में
कोई चाँद नज़र आ रहा है
बढती हुई बारिश
मिलने की चाह बढ़ा रही है
और थमती हुई बारिश
तेरे आने की आस जगा रही है !!
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