कविता निकलती है दिल से और पहुचती है दिल तक, और कह जाती है कुछ ही शब्दों में बहुत बड़ी बात, ये एक चिंगारी है जिसमे छुपी हुई है भीषण आग, ये एक बूँद है पानी की जो बुझाती है प्यास और कभी कभी बन जाती है सैलाब !
Monday, January 18, 2010
सुबह
सुबह आती है
रोशनी के साथ
अँधेरे को चीरते हुए
जो पहचान है
बुराई के अंत की
अच्छाई की बुराई पर विजय की
सुबह आती है
पक्षियों के चहकने के साथ
जो पहचान है आजादी की
खुले आकाश में उड़ने की
लक्ष्य को पाने की
कुछ कर दिखाने की
सुबह आती है
फूलो के खिलने के साथ
जिनकी भीनी - भीनी खुशबू से
समां महक उठता है
जो सदा मुस्कुराने की
प्रेरणा देते है
सुबह आती है
ईश्वर के नाम के साथ
जो सत्य है , प्रेम है
जो सिखाता है
सभी से प्रेम करना
दुखियों की सेवा करना
सुबह आती है
हमें बताने के लिए
उठो जागो और कर्म करो
ताकि एक नयी सुबह
फिर से आ सके
तुम्हे जगाने के लिए
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ha
ReplyDeletebahut khoob sir ji..
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