Monday, January 18, 2010

गीत गाता है




तुमको देखते ही मुझे तुम पर प्यार आता है
ना जाने क्यों मुझे बार बार यही खयाल आता है !

ऐसा लगता है जैसे तू मेरी है सिर्फ मेरी
खुदा के द्वार से भी यही पैगाम आता है !

तू मुझे प्यार करे या ना करे
लेकिन मुझे तो तुझ पर प्यार आता है !

तू मुझसे मिलने आये या ना आये
पर तुझसे मिलकर ही मुझे करार आता है !

पहले तो तू मुझसे मिलने आ जाया करती थी
लेकिन अब सिर्फ तेरा सलाम आता है !

जो गीत बरसो पहले तेरे होंठो पर आया था
आज कुलदीप सिर्फ वो ही गीत गाता है !

1 comments:

  1. Kuldeep जी मजा आ गया आपको पढ़कर... ये वाली ग़ज़ल काफी पसंद आई मुझे ... dhanyavaad

    ReplyDelete